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हर हाल में गंगा को देनी है नई जिंदगी

Neighbourhood News Desk/ Kanika Chauhan/Uttrakhand

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ठंड की सुबह जब शायद ही किसी को सुबह सुबह बिस्तर से उठना पसंद होगा। ठंड के दिनों में जो मजा सुबह की नींद का है वो और कहां…. सर्दीे के दिन… जनवरी का महीना… 3 डिग्री सेल्सियस तापमान…. ठंड से भी ठंड़ा पानी… ठंड के दिनों में पानी के नाम से ही ठंड लग जाती है और अगर मैें कहूं कि कुछ लोग ऐसे भी है जो इस ठंड में भी पानी में काम कर रहे हैं पर उनकी आवाज में ठंड का एहसास भी नहीं है अगर कुछ है तो वो हेै उनका हौसला… उनकी लगन…उनकी सेवा….उनका जज्बा और एक चाह भारत की पर्वित नदी गंगा को साफ कर.. गंगा नदी को प्रदूषण से मुक्त कर के उसे एक नया जीवन देने की।
जी हां, आप बिल्कुल सही सोच रहे हैं मैं बात कर रही हूं स्पर्श गंगा टीम की जो बिना किसी स्वार्थ के गंगा को नई जिदंगी देने में अपने समय के साथ ही साथ पूरा योगदान भी दे रहे हैं। इस टीम ने अपने 15वें चरण में हर की पौड़ी पर कंपकपाती ठंड में पूरे जोश के साथ गंगा सफाई अभियान चलाकर ये साबित कर दिया है कि यह टीम गंगा को एक दिन जरूर अपने प्रयासों से प्रदूषण मुक्त कर देगी।
आपको बता दें कि स्पर्श गंगा टीम ने हरिद्वार के विभिन्न गंगा घाटों के अलावा विभिन्न ग्राम सभाओं में भी स्वच्छता अभियान चलाया है। स्पर्श गंगा के सदस्यों ने ग्राम सभाओं में जन चेतना फैलाते हुए 10 आदर्श गंगा ग्रामों मुख्य रूप से बालावाली, कलसिया, गोवर्धनपुर, फतवा, सलेमपुर, नूरपुर पंजनहेड़ी को चिन्हित कर के स्वच्छता अभियान की शुरूआत की है।

 

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स्पर्श गंगा के सदस्यों ने ये साबित कर दिया है कि चाहे हालात कैसे भी हो हमारे हौसले तो एक दम पक्के हैं जिन्हें न ठंड तोड़ सकती है न कुछ और….

टीम के संयोजक शिखर पालीवाल ने कहा कि 2009 से निरन्तर स्पर्श गंगा के सदस्य गंगा को प्रदूषण मुक्त बनाने की मुहिम चला रहे हैं, लेकिन लोगों द्वारा गंगा को अलग-अलग तरीके से प्रदूषित किया जा रहा है जो कि खेद की विषय है। आने वाली पीढ़ी के ल्ए यह एक बड़ा खतरा बनता जा रहा है। शिखर ने आगे कहा ्कि बड़े पैमाने पर पालतू मृत पशु गंगा में बहाये जा रहे हैं जो कि स्वच्छता अभियान को पलीता लगा रहा है। स्पर्स गंगा के सदस्य जनमानस की सूचनाओं पर गंगा से मृत पशुओं को निकालने में भी अपना सहयोग प्रदान कर रहे हैं। जागरूकता के बाद भी कुछ विभाग नए गंदे नाले सीधे गंगा में समाहित किए जा रहे हैें। जो कि हमारे प्रयास के असफल होने में अपनी भूमिका निभा रहा है। हमने ऐसे अधिकारियों के खिलाफ भी चरणबद्ध तरीके से आंदोलन चला रहे हैं। शासन प्रशासन को भी गंगा में समाहित नालों की शिकायत त्वरित की जा रही है।
प्रेमनगर घाट पर बड़े पैमाने पर खाने का वस्तुएं गंगा घाट पर लोगों द्वारा स्वयं डाली जा रही है जिसको रोकने का प्रयास किया जा रहा है। गंगा को स्वच्छ मिर्मल, अविरल बहने दें गंगा में कूड़ा करकट ना फेंके। टीम लगातार हरिद्वार नगरी सहित पूरे प्रदेश में जनजागरुता अभियान समय-समय पर चलाती आ रही है। गंगा की सफाई में हिस्सा लेने वालों के हन्नी सैन, विपिन, मोनू चंदेल, हीरो मोटो कॉर्प के कर्मचारी, बीएचईएल टीम के सदस्य और अन्य संस्थाओं के लोग भी अलग-अलग जगहों से अपना योजदान दें रहें हैं।

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